मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी ने BJP संसदीय दल की बैठक में हिस्सा लिया और विपक्ष पर जमकर निशाना साधा। बैठक के दौरान पीएम मोदी ने अविश्वास प्रस्ताव जीतने का भरोसा जताया। उन्होंने विपक्षी दलों के बीच विश्वास की कमी के बारे में बात की। पीएम मोदी ने सांसदों से कहा कि घंमिडया गठबंधन को अपनी एकता से जवाब दो। बैठक में पीएम मोदी ने कहा कि ये अविश्वास प्रस्ताव हमारे खिलाफ नहीं बल्कि विपक्ष के बीच अविश्वास के लिए है। उन्होंने सांसदों से कहा कि जैसे आखिरी गेंद पर छक्का लगता है, वैसे ही इसे विपक्ष के खिलाफ एक मौका समझें।
प्रधानमंत्री ने कहा, “ये अविश्वास प्रस्ताव हमारे खिलाफ नही बल्कि विपक्ष में आपस मे जो अविश्वास है, उसके लिए लाया गया है। जैसे आखरी बॉल में छक्का मारा जाता है, उसी तरह इसको मौका समझो विपक्ष के खिलाफ। हमने अविश्वास प्रस्ताव का काम 2018 में ही दे दिया था। विपक्ष का सेमीफाइनल का मन था और कल सेमीफाइनल हो गया नतीजा सबके सामने है।”
उन्होंने विपक्षी गठबंधन को ‘घमंडिया’ बताया और दिल्ली सेवा विधेयक पर मतदान में “सेमीफाइनल” जीत के लिए पार्टी के राज्यसभा सदस्यों को बधाई दी।
बीजेपी संसदीय दल की बैठक के बाद संसदीय कार्य राज्य मंत्री और बीजेपी सांसद अर्जुन राम मेघवाल ने कहा, “यह ‘घमंडिया’ गठबंधन अविश्वास प्रस्ताव लेकर आया है। हमारे पास बहुमत है, हमें समझ नहीं आ रहा कि वे प्रस्ताव क्यों लाए? लेकिन हो सकता है कि वे परीक्षण करना चाहते हैं कि क्या वे एकजुट हैं। उन्होंने कल राज्यसभा में इसका परीक्षण किया। लेकिन राज्यसभा के पटल पर दिए गए भाषणों से यह स्पष्ट हो गया कि उनके पास मजबूत आधार नहीं है… हमें हमारे मुकाबले एक वोट अधिक मिला है। आज की बैठक में इन सभी मुद्दों पर चर्चा हुई।”
दिल्ली सेवा विधेयक को सोमवार को संसदीय मंजूरी मिल गई, जब राज्यसभा ने इसे पारित कर दिया। . भाजपा के नेतृत्व वाले एनडीए ने उत्सुकता से देखे जाने वाले संख्या खेल में विपक्षी चुनौती को विफल कर दिया। सत्तारूढ़ पार्टी का लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव को हराना निश्चित है। संसद में लाए गए विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव पर 8 अगस्त से चर्चा शुरू हुई है। इसके बाद 9 और 10 अगस्त को भी इस पर चर्चा होगी। 10 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पर जवाब देंगे।
प्रधान मंत्री ने अपने 2018 के भाषण का भी उल्लेख किया जिसमें उन्होंने विपक्ष से 2023 में उनकी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की कामना की थी। विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि उनके नेता सामाजिक न्याय की बात करते हैं लेकिन अपनी वंशवाद, तुष्टिकरण और भ्रष्ट राजनीति से इसे सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया है।
पीएम मोदी ने भ्रष्टाचार, वंशवाद और तुष्टीकरण की राजनीति के खिलाफ भारत छोड़ने का अपना आह्वान भी दोहराया।
