संसद के मानसून सत्र से पहले हुई सर्वदलीय बैठक, केंद्र सरकार ने मणिपुर संकट पर चर्चा के लिए जताई सहमति

केंद्र की बीजेपी नेतृत्व वाली सरकार ने संसद के मानसून सत्र की पूर्व संध्या पर आज दिल्ली में सर्वदलीय बैठक बुलाई। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सर्वदलीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से जवाब मांगते हुए मानसून सत्र में मणिपुर हिंसा पर चर्चा की मांग की।

कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा, “हम चाहते हैं कि बालासोर हादसे, महंगाई, बेरोजगारी, इंडो-चीन स्थिति और इंडो-चीन ट्रेड में जो असंतुलन हो रहा है, उसपर चर्चा हो। जिस तरह से संघीय ढांचे पर प्रहार हो रहा है उस पर चर्चा होना ज़रूरी है..सत्तारूढ़ पार्टी अगर सदन चलाना चाहती है तो विपक्ष के मुद्दों पर ध्यान देना ज़रूरी है। ढाई महीने से मणिपुर जल रहा है लेकिन प्रधानमंत्री ने चुप्पी साधी है। कल से सदन भी शुरू होने वाली है, प्रधानमंत्री से गुजारिश है कि अब सदन में आकर बयान दें और हमें भी चर्चा का मौके दें। हम कल स्थगन प्रस्ताव लाना चाहते हैं क्योंकि मणिपुर के हालात दिन पर दिन बदतर होते जा रहे हैं।”

केंद्र ने बुधवार को कहा कि वह संसद के आगामी मानसून सत्र में मणिपुर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। मानसून सत्र के लिए विभिन्न मामलों पर चर्चा के लिए भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक के दौरान इस निर्णय की घोषणा की गई।

संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा, “सत्र गुरुवार से शुरू हो रहा है। इसलिए, सर्वदलीय सदन के नेताओं की एक बैठक बुलाई गई थी। बैठक में 34 दलों और 44 नेताओं ने भाग लिया। हमें महत्वपूर्ण सुझाव मिले। सरकार के पास 31 विधायी सूचीबद्ध आइटम हैं। सभी दल मणिपुर पर चर्चा चाहते हैं और सरकार इस पर चर्चा के लिए तैयार है।”

कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि सबसे पुरानी पार्टी आगामी सत्र में मणिपुर की स्थिति, संघीय ढांचे पर हमले और अन्य मुद्दों को उठाएगी।

कांग्रेस नेता ने कहा, “हम संसद के आगामी सत्र में मणिपुर की स्थिति पर चर्चा करना चाहते हैं। दूसरा मुद्दा राज्यपालों और एलजी के माध्यम से लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित राज्य सरकारों पर हमला है, दिल्ली अध्यादेश एक ऐसा उदाहरण है।” उन्होंने कहा कि पार्टी संसद में भी महंगाई के मुद्दे पर केंद्र सरकार को घेरेगी।

केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने कहा, “मैंने सर्वदलीय बैठक में यह मुद्दा उठाया है कि सदन सुचारू रूप से चले और विपक्ष हंगामा न करे। इसके अलावा, मैंने दलितों और महिलाओं पर अत्याचार और एससी, एसटी को बढ़ावा देने और उन्हें निजी क्षेत्र में आरक्षण देने का मुद्दा उठाया है।”

बीजू जनता दल ने सर्वदलीय बैठक में महिला आरक्षण विधेयक को संसदीय मंजूरी देने की वकालत की और ओडिशा के लिए विशेष राज्य का दर्जा भी मांगा। बीजेडी सांसद सस्मित पात्रा ने कहा कि हमने केंद्र सरकार की योजना और अन्य के तहत गरीबों के लिए 7 लाख से अधिक घरों के लंबित निर्माण का मुद्दा भी उठाया।

वहीं इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग सांसद ईटी मोहम्मद बशीर ने कहा कि समान नागरिक संहिता का जोरदार विरोध हुआ। मैंने सरकार से कहा कि यह खतरनाक है और इससे भारत में लोगों के बीच सौहार्द्र बिगड़ेगा। सर्वदलीय बैठक में मैंने मणिपुर को लेकर भी चिंता जताई। मैंने सरकार से हस्तक्षेप करने और समस्या का समाधान करने का आग्रह किया।

मालूम हो कि मानसून सत्र गुरुवार से पुराने संसद भवन में शुरू होगा और 11 अगस्त तक चलेगा। इस साल विधानसभा चुनाव और अगले साल लोकसभा चुनाव की तैयारी में जुटी भाजपा और विपक्षी पार्टियों ने एक-दूसरे पर हमले तेज कर दिए हैं और ऐसे में संसद सत्र के हंगामेदार रहने की उम्मीद है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल महंगाई और जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग के मुद्दों के अलावा मणिपुर संकट पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। पिछला सत्र भी लगातार विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन की भेंट चढ़ गया था। संसद के प्रत्येक सत्र की शुरुआत से पहले, राजनीतिक दल पारंपरिक बैठक में कई मुद्दों को सामने रखते हैं, जिसमें सरकार के वरिष्ठ मंत्री भी शामिल होते हैं।

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