बिहार के रोहतास जिले में एक पुल के खंभे और स्लैब के बीच फंसे 11 साल के बच्चे की गुरुवार को मौत हो गई। करीब 12 से 14 घंटे तक चले बचाव अभियान के बाद राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) की एक टीम ने उसका शव बरामद किया।
फंसे हुए लड़के के लापता होने के दो दिन बाद बुधवार को बचाव अभियान शुरू हुआ। बिक्रानगंज के सब डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) उपेंद्र पाल ने बताया कि बच्चे को पुल से निकालने का रेस्क्यू ऑपरेशन करीब 12 से 14 घंटे तक चला।
सदर अस्पताल के ट्रामा सेंटर के डॉ ब्रजेश कुमार ने बताया कि उसका इलाज यहां नहीं हुआ क्योंकि बच्चा यहां मृत लाया गया है। मैंने बच्चे की जांच एंबुलेंस में की थी लेकिन उसको कुछ सहायता न दे सके क्योंकि वह मृत लाया गया था।
डॉक्टर ने बताया कि लएनडीआरएफ की टीम के शव को निकालने से 8 से 10 घंटे पहले उसकी मौत हो चुकी थी।
इससे पहले लड़के के पिता शत्रुधन प्रसाद ने कहा कि उनका बेटा मानसिक रूप से अस्वस्थ था और दो दिन पहले लापता हो गया था। जब लड़के की तलाश की जा रही थी, तब एक महिला ने परिवार को बताया कि वह सोन नदी पर बने पुल के पिलर नंबर 1 और एक स्लैब के बीच फंस गया है।
