प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके नेपाली समकक्ष पुष्प कमल दहल ने गुरुवार दोपहर दिल्ली के हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय बैठक के बाद दोनों देशों के बीच सात समझौतों पर हस्ताक्षर किए। 2014 में पहली बार पीएम बनने के बाद नेपाल की अपनी पहली यात्रा को याद करते हुए मोदी ने कहा कि तब उन्होंने भारत-नेपाल संबंधों को सुधारने के लिए एक ‘हिट फॉर्मूला’ दिया था और आज के समझौते उस रिश्ते को ‘सुपर हिट’ बनने में मदद करेंगे। विदेश मंत्रालय के बयान के मुताबिक़, बैठक के एजेंडे में अर्थव्यवस्था, ऊर्जा, बुनियादी ढांचे, शिक्षा क्षेत्र और दोनों देशों के लोगों के बीच संबंधों को मज़बूत करना शामिल रहा।
प्रधानमंत्री मोदी और नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ ने संयुक्त रूप से रेलवे के कुर्था-बीजलपुरा खंड की ई-योजना का अनावरण किया। दोनों प्रधानमंत्रियों ने संयुक्त रूप से बथनाहा से नेपाल कस्टम यार्ड तक भारतीय रेल कार्गो ट्रेन को झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रधानमंत्री मोदी और नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ ने संयुक्त रूप से भारत और नेपाल के बीच मोतिहारी-अमलेखगंज तेल पाइपलाइन के फेज-2 का भी शिलान्यास किया।
बैठक के बाद दोनों देशों के प्रधानमंत्रियों ने एक संयुक्त प्रेस वार्ता की। पीएम मोदी ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि, ‘मुझे याद है कि 9 साल पहले 2014 में कार्यभार सँभालने के तीन महीने के भीतर मैंने नेपाल की अपनी पहली यात्रा की थी। उस समय मैंने भारत-नेपाल संबंधों के लिए एक “हिट” फार्मूला दिया था- हाईवेस, आई-वे, और ट्रांस-वे। मैंने कहा था कि भारत-नेपाल के बीच ऐसे संबंध स्थापित करेंगे कि हमारे बॉर्डर्स बैरियर न बनें।’
पीएम मोदी ने कहा कि आज मैंने और प्रधानमंत्री प्रचंड जी ने भविष्य में अपनी पार्टनरशिप को सुपरहिट बनाने के लिए बहुत से महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। आज ट्रांजिट अग्रीमेंट संपन्न किया गया है। इसमें नेपाल के लोगो के लिए, नए रेल रूट्स के साथ साथ, भारत के इनलैंड वाटरवेज़ की सुविधा का भी प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि आज भारत और नेपाल के बीच ‘लॉन्ग टर्म पावर ट्रेड एग्रीमेंट’ संपन्न हुआ है। इसमें हमने आने वाले 10 वर्षों में नेपाल से 10 हज़ार मेगावाट बिजली आयात करने का लक्ष्य रखा है।
पीएम ने कहा- “भारत और नेपाल के धार्मिक और सांस्कृतिक संबंध बहुत पुराने और मजबूत हैं। इस सुन्दर कड़ी को और मजबूती देने के लिए प्रधानमंत्री प्रचण्ड जी और मैंने निश्चय किया है कि रामायण सर्किट से संबंधित परियोजनाओं में तेजी लायी जानी चाहिए। हम अपने रिश्तों को हिमालय जितनी ऊंचाई देने के लिए काम करते रहेंगे।…और इसी भावना से हम सभी मुद्दों को, चाहे बाउंड्री का हो या कोई और विषय, सभी का समाधान करेंगे।”
वहीं संयुक्त प्रेस वार्ता में नेपाल के प्रधानमंत्री पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ ने कहा कि, “मैंने प्रधानमंत्री मोदी को नेपाल आने का आमंत्रण दिया है, मुझे उम्मीद है कि प्रधानमंत्री मोदी जल्द नेपाल का दौरा करेंगे।”
बता दें कि नेपाल पांच भारतीय राज्यों – सिक्किम, पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के साथ 1,850 किमी से अधिक की सीमा साझा करता है। लैंडलॉक नेपाल माल और सेवाओं के परिवहन के लिए भारत पर बहुत अधिक निर्भर करता है और उसकी समुद्र तक पहुंच भारत के माध्यम से है। 1950 की भारत-नेपाल शांति और मित्रता संधि दोनों देशों के बीच विशेष संबंधों का आधार बनाती है।
