पटना के मनेर इलाके में छापेमारी करने गए दो महिलाओं समेत तीन खनन अधिकारियों पर हमला कर देने की खबर सामने आई है। प्रशासन ने कहा है कि खनन विभाग की एक टीम पटना से 30 किमी दूर मनेर में कोईलवर पुल पर गई थी, क्योंकि उसे इलाके में अवैध रेत खनन की शिकायतें मिली थीं। पटना प्रशासन के अधिकारियों के मुताबिक, रेत माफिया से जुड़े असामाजिक तत्वों के एक समूह ने खनन विभाग की टीम पर पत्थरों और लाठियों से हमला कर दिया।
इस घटना के कई वीडियो वायरल हुए हैं, जिसमें लोगों के एक समूह को खनन अधिकारियों को गालियां देते और पथराव करते हुए दिखाया गया है। वीडियो में अधिकारी अपनी जान बचाने की कोशिश कर रहे हैं। एक वीडियो में एक व्यक्ति को महिला अधिकारी के बालों से घसीटते हुए और उसके साथ मारपीट करते हुए भी दिखाया गया है।
दो महिला खनन निरीक्षकों — अमिया कुमारी और फरहीन — और तलाशी अभियान का नेतृत्व कर रहे जिला खनन अधिकारी गौरव कुमार को चोटें आई हैं। फिलहाल उनका इलाज चल रहा है। मामले की जानकारी मिलते ही पटना पुलिस हरकत में आई और घटना में शामिल 44 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। जिला प्रशासन के आला अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।
घटना के विषय में राजद नेता शिवानंद तिवारी ने कहा कि, बिहार सरकार के संज्ञान में ये बात आई है। नीतीश कुमार ने अधिकारियों को निर्देष दिया है कि वीडियो में दिखने वाले लोगों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
पटना (पश्चिम) के अधीक्षक राजेश कुमार ने बताया कि मनेर के बिहटा प्रखंड में ओवरलोडिंग, वाहनों के अवैध संचालन और अवैध खनन के खिलाफ जिला खनन अधिकारी, जिला परिवहन अधिकारी एवं अपर अनुविभागीय दंडाधिकारी दानापुर के नेतृत्व में छापेमारी की जा रही थी। उसी समय असामाजिक तत्वों ने उन पर पथराव किया।
एसपी ने कहा- “घटना की सूचना मिलने पर पटना के जिलाधिकारी ने तुरंत उप-मंडल अधिकारी और अनुमंडल पुलिस अधिकारी दानापुर को मौके पर भेजा। हमने लगभग 50 वाहनों को जब्त कर लिया है। जिलाधिकारी ने कहा कि इसमें शामिल सभी लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज की है और अब तक 44 लोगों को गिरफ्तार किया है। सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो वायरल हो रहे हैं। वीडियो के आधार पर कुछ लोगों को गिरफ्तार किया गया है और बाकी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। पुलिस अधिकारी ने कहा कि वाहन मालिकों और चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
