विदेश मंत्रालय (MEA) ने इस्लामिक सहयोग संगठन (OIC) को उसकी “सांप्रदायिक मानसिकता” और “भारत विरोधी एजेंडे” के लिए लताड़ लगाई है। विदेश मंत्रालय कि, इस्लामिक सहयोग संगठन(OIC) द्वारा आज भारत के संबंध में जारी बयान की हम कड़ी निंदा करते हैं। यह उनकी सांप्रदायिक मानसिकता और भारत विरोधी एजेंडे का एक और उदाहरण है।
रामनवमी हिंसा पर ओआईसी द्वारा दिए गए बयान के बारे में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए, विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, “हम ओआईसी सेक्रेटेरिएट द्वारा भारत के संबंध में आज जारी किए गए बयान की कड़ी निंदा करते हैं। यह उनकी सांप्रदायिक मानसिकता और भारत विरोधी एजेंडा का एक और उदाहरण है।” बागची ने कहा, “ओआईसी केवल भारत विरोधी ताकतों द्वारा लगातार हेरफेर किए जाने से अपनी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाता है।”
ओआईसी के महासचिव द्वारा रामनवमी समारोह के दौरान देश के विभिन्न हिस्सों में हुई हिंसा की निंदा करते हुए एक पत्र जारी करने के कुछ घंटों बाद भारत की और से ये कड़ी प्रतिक्रिया आई।
ओआईसी ने कहा था कि ओआईसी जनरल सेक्रेटेरिएट रामनवमी पर हुई हिंसा को लेकर चिंता में है। मुस्लिम समुदाय को भारत के कई राज्यों में राम नवमी की शोभा यात्रा के दौरान निशाना बनाया गया। ओआईसी द्वारा जारी बयान में कहा गया- “ओआईसी के महासचिव हिंसा और बर्बरता के ऐसे उत्तेजक कृत्यों की निंदा करते हैं, जो भारत में मुस्लिम समुदाय के बढ़ते इस्लामोफोबिया और प्रणालीगत लक्ष्यीकरण की स्पष्ट अभिव्यक्ति हैं। ओआईसी के महासचिव भारतीय अधिकारियों से देश में मुस्लिम समुदाय की सुरक्षा, सुरक्षा, अधिकार और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए उकसाने वालों और अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आह्वान करते हैं।”
ओआईसी ने बिहारशरीफ में रामनवमी के जुलूस के दौरान हिंसा की ओर भी इशारा किया, जिसके कारण 31 मार्च को एक भीड़ द्वारा एक मदरसे और उसके पुस्तकालय में तोड़फोड़ की गई थी।
बता दें कि 31 मार्च और उसके बाद रामनवमी समारोह के दौरान देश के कई राज्यों में कई झड़पों की सूचना मिली थी। बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भीड़ द्वारा पथराव और वाहनों में आग लगाने के साथ बड़े पैमाने पर हिंसा देखी गई। झड़पों के दौरान कुछ लोग मारे भी गए और पुलिस वाले घायल हुए। बिहार के नालंदा और बंगाल के हुगली जिलों में धारा 144 लागू कर दी गई। गृह मंत्रालय ने पश्चिम बंगाल सरकार से हावड़ा जिले के शिबपुर, उत्तरी दिनाजपुर के डालखोला और हुगली के रिशरा में हुई झड़पों पर विस्तृत रिपोर्ट भी मांगी है।
