आगामी लोकसभा चुनाव से पहले विपक्षी एकता की ख़बरों के बीच शनिवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कांग्रेस अधिवेशन में कहा कि केवल उनकी पार्टी ही देश को “सक्षम और निर्णायक” नेतृत्व प्रदान कर सकती है। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनावों में बीजेपी को हराने के लिए कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन की पुरजोर वकालत की। खड़गे ने यह भी कहा कि कांग्रेस “जनविरोधी और अलोकतांत्रिक” बीजेपी सरकार से देश को छुटकारा दिलाने के लिए जो भी बलिदान करने की आवश्यकता है, वह करने के लिए कांग्रेस पार्टी तैयार है।
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि “दिल्ली का प्रधान सेवक, जो हर दिन विज्ञापन छपवाता है, अपने दोस्त की सेवा कर रहा है”। खड़गे ने कहा कि, दिल्ली में बैठे लोगों का डीएनए गरीब विरोधी है और वे लोकतंत्र को नष्ट करने का प्रयास कर रहे हैं। खड़गे ने देश में मौजूदा स्थिति के खिलाफ लोगों से आंदोलन करने का आह्वान किया।
भारत जोड़ो यात्रा के लिए पार्टी नेता राहुल गांधी की सराहना करते हुए खड़गे ने कहा कि इस मार्च ने देश को एकजुट किया और सभी क्षेत्रों के लोग एक साथ आए। खड़गे ने कहा कि ये यात्रा लोगों के सामने मौजूद अभूतपूर्व चुनौतियों के खिलाफ एक मजबूत आवाज के रूप में उभरी है। उन्होंने “सेवा, संघर्ष और बलिदान, सबसे पहले हिंदुस्तान” का नारा भी दिया।
खड़गे ने यह भी दावा किया कि भाजपा संसदीय और संवैधानिक परंपराओं को तोड़ रही है और सरकारों को गिराने के लिए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) जैसी एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। उन्होंने दावा किया कि छत्तीसगढ़ में ईडी के छापे के साथ कांग्रेस के पूर्ण सत्र को भी लक्षित किया गया था, लेकिन कांग्रेस नेताओं ने बहादुरी से लड़ाई लड़ी कि ये सत्र आयोजित किया जा सके।
कांग्रेस अधिवेशन के दुसरे दिन की बैठक में राहुल, प्रियंका और सोनिया गांधी- तीनों लोग मौजूद थे। सोनिया गाँधी ने भी अधिवेशन को सम्बोधित किया।
सोनिया गांधी ने पार्टी के 85वें पूर्ण अधिवेशन में भारत जोड़ो यात्रा को कांग्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ बताया। सोनिया गांधी ने कहा, “2004 और 2009 में डॉ मनमोहन सिंह के सक्षम नेतृत्व के साथ हमारी जीत ने मुझे व्यक्तिगत संतुष्टि दी, लेकिन मुझे सबसे ज्यादा खुशी इस बात की है कि मेरी पारी भारत जोड़ो यात्रा के साथ समाप्त हुई, जो कांग्रेस के लिए एक टर्निंग पॉइंट था।”
पूर्व कांग्रेस प्रमुख ने केंद्र की बीजेपी सरकार पर चौतरफा हमला करते हुए उस पर “अल्पसंख्यकों, महिलाओं, दलितों और आदिवासियों को निशाना बनाने” का आरोप लगाया। उन्होंने भगवा पार्टी पर देश में “घृणा की आग को हवा देने” का भी आरोप लगाया।
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से वर्तमान शासन से निपटने और 2024 के लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी के नेतृत्व वाली सरकार को हराने का आग्रह किया। साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि वह खुश हैं कि पार्टी अध्यक्ष के रूप में उनका कार्यकाल भारत जोड़ो यात्रा की सफलता के साथ समाप्त हुआ।
इस बीच, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि देश कई मोर्चों पर चुनौतियों का सामना कर रहा है जैसे संवैधानिक मूल्यों पर लगातार हमला, चीन के साथ सीमा पर राष्ट्रीय सुरक्षा का खतरा, उच्च मुद्रास्फीति और युवाओं में रिकॉर्ड बेरोजगारी। खड़गे ने कहा कि उनकी पार्टी केंद्र की “जनविरोधी” भाजपा सरकार से छुटकारा पाने के लिए समान विचारधारा वाले दलों के साथ गठबंधन करके एक व्यवहार्य विकल्प बनाने के लिए तत्पर है।
बता दें कि पार्टी के 85वें पूर्ण अधिवेशन के दूसरे दिन शनिवार को इसमें लगभग 15,000 प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इससे पहले सत्र के पहले दिन, कांग्रेस संचालन समिति ने सर्वसम्मति से कांग्रेस कार्य समिति के लिए चुनाव नहीं कराने का फैसला किया और पार्टी प्रमुख को अपने सदस्यों को मनोनीत करने के लिए अधिकृत किया था।
