“भारत जोड़ो यात्रा” का 70वां दिन: बुधवार को वाशिम जिले में आगे बढ़ी यात्रा, सचिन पायलट आज राहुल के साथ यात्रा में हो रहे हैं शामिल

राहुल गांधी के नेतृत्व में चल रही पदयात्रा इन दिनों महाराष्ट्र से गुजर रही है। अभी यात्रा वाशिम जिले में चल रही है और इसके बाद ये यात्रा अकोला में प्रवेश करेगी।

महाराष्ट्र में भारत जोड़ो यात्रा का यह दूसरा सप्ताह है। यात्रा बुधवार सुबह जम्ब्रुन फाटा से शुरू हुई और आज शाम ये यात्रा मेढ़सी पहुंचेगी। उसके बाद रात्रि विश्राम का कार्यक्रम पातूर में है।

खबर है कि राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट बुधवार दोपहर 12 बजे ‘भारत जोड़ो यात्रा’ में शामिल होंगे। पायलट ने मंगलवार को कहा कि ‘भारत जोड़ो यात्रा’ एक ऐतिहासिक आंदोलन है, जिसका लाभ आने वाले दिनों में कांग्रेस को मिलेगा। उन्होंने कहा कि राहुल लोगों पर प्रभाव छोड़ रहे हैं। न केवल कांग्रेस समर्थक बल्कि आम लोग भी यात्रा को लेकर उत्साहित हैं। इस यात्रा से आने वाले दिनों में निश्चित तौर पर कांग्रेस को फायदा होगा।

मंगलवार को महाराष्ट्र के वाशिम जिले में बिरसा मुंडा की जयंती के मौके पर एक सभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भाजपा द्वारा बिरसा मुंडा के आदर्शों पर चौतरफा हमला किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भाजपा हर दिन संविधान पर इसलिए हमला करती है, क्योंकि वे इस बात को स्वीकार नहीं करते हैं कि दलितों, आदिवासियों और गरीबों को अधिकार मिलने चाहिए।

राहुल ने कहा, ‘वे (BJP-RSS) कहते हैं कि आप आदिवासी नहीं हैं और आप यहां सबके पहले नहीं रहते थे. उन्होंने नाम (वनवासी) बदल दिया है, लेकिन यह कोई छोटी घटना नहीं है, यह गंभीर है। वे उस पर हमला कर रहे हैं, जिसके लिए बिरसा मुंडा ने संघर्ष किया था।’

उन्होंने आगे कहा, कहा, ‘वह (मुंडा) एक इंच भी पीछे नहीं हटे। वह शहीद हो गए। ये आपके (आदिवासी) प्रतीक हैं और आपको रास्ता दिखाते हैं। भाजपा-आरएसएस के प्रतीक सावरकर हैं। वह दो-तीन साल तक अंडमान में जेल में रहे। उन्होंने दया याचिकाएं लिखनी शुरू कर दीं।’ राहुल ने दावा किया कि सावरकर ने खुद पर एक अलग नाम से एक किताब लिखी और बताया कि वह कितने बहादुर थे। उन्होंने कहा, ‘वह अंग्रेजों से पेंशन लेते थे, उनके लिए काम करते थे और कांग्रेस के खिलाफ काम करते थे।’

18 नवंबर को दोपहर 3 बजे बुलढाणा जिले के शेगांव में एक विशाल रैली आयोजित की जा रही है। राहुल गांधी के नेतृत्व में होने वाली इस रैली में 5 लाख लोग शामिल होंगे।

महाराष्ट्र में चल रही यात्रा में बीते दिनों पूर्व सीएम उद्धव ठाकरे के बेटे और मंत्री आदित्य ठाकरे, एनसीपी नेता सुप्रिया सुले, जयंत पाटिल और एनसीपी नेता जितेंद्र आव्हाड सहित कई नेता शामिल हुए।

महाराष्ट्र में ‘भारत जोड़ो यात्रा’ अपने 14 दिनों के प्रवास के दौरान 15 विधानसभा और 6 संसदीय क्षेत्रों से निकलेगी। यह यात्रा राज्य में 381 किलोमीटर की होगी। यात्रा 18 नवंबर को बुलढाणा जिले में प्रवेश करेगी। बीते सात नवंबर को भारत जोड़ो यात्रा ने तेलंगाना से महाराष्ट्र में प्रवेश किया था। यह यात्रा 20 नवंबर को मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले में महाराष्ट्र से प्रवेश करने के बाद लगभग आधी दूरी तय कर लेगी।

21 और 22 नवंबर को ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का ब्रेक रहेगा। राहुल अपनी यात्रा के मध्यप्रदेश में प्रवेश करने के बाद 22 नवंबर को गुजरात में प्रचार के लिए जाएंगे। मध्यप्रदेश में बुरहानपुर से यात्रा की शुरुआत 23 नवंबर से होगी। इस यात्रा के तहत राहुल गांधी मध्य प्रदेश में दो ज्योतिर्लिंग महादेव मंदिरों के दर्शन करेंगे। इनमें से एक खांडवा का ओंकारेश्वर और दूसरा उज्जैन का महाकालेश्वर मंदिर है। राहुल गांधी और अन्य वरिष्ठ नेता 25 नवंबर को ओंकारेश्वर महादेव मंदिर का दौरा करेंगे। राहुल गांधी भारत के रॉबिनहुड कहे जाने वाले टंट्या मामा के जन्मस्थान का भी दौरा करेंगे। राहुल गांधी 28 और 29 नवंबर को इंदौर में प्रेस कॉन्फ्रेंस को भी संबोधित कर सकते हैं। कांग्रेस 30 नवंबर से एक दिसंबर तक उज्जैन में शक्ति प्रदर्शन करने की योजना बना रही है। उज्जैन में सभा 1 दिसंबर को होगी। इसके बाद राहुल गांधी खालसा कॉलेज में नाइट स्टे करेंगे। भारत जोड़ो यात्रा मध्य प्रदेश में 15 दिन तक रहेगी। इसके बाद यात्रा का अगला पड़ाव राजस्थान होगा।

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी संसद के शीतकालीन सत्र में भाग नहीं लेंगे। पार्टी प्रवक्ता जयराम रमेश ने बताया कि राहुल पार्टी की भारत जोड़ो यात्रा पर फोकस करेंगे। इस वजह से संसद सत्र में शामिल नहीं हो सकेंगे। संसद का शीतकालीन सत्र 7 दिसंबर से शुरू होगा जो 29 दिसंबर तक चलेगा।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि राहुल गांधी की जारी ‘भारत जोड़ो यात्रा’ कांग्रेस सांसद को एक गंभीर राजनेता के रूप में स्थापित करेगी और उन्हें अपनी मजबूत प्रतिद्वंद्वी बीजेपी का मुकाबला करने में बड़ी मदद करेगी। लेकिन देश के विभिन्न राज्यों से गुजर रही इस यात्रा का स्थायी प्रभाव छोड़ने के लिए इसे किसी एक खास मुद्दे पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए था।

बता दें कि ‘भारत जोड़ो यात्रा’ की शुरुआत 7 सितंबर को तमिलनाडु के कन्याकुमारी से हुई थी। यात्रा के वर्तमान चरण (महाराष्ट्र) से पहले राहुल तमिलनाडु, केरल, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक और तेलंगाना में अपनी इस यात्रा को पूरा कर चुके हैं। यह यात्रा 12 राज्यों के 20 शहरों से गुजरते हुए 150 दिन तक चलेगी। 3,570 किलोमीटर लंबी इस यात्रा का समापन जम्मू-कश्मीर में होगा। यात्रा के फरवरी 2023 की शुरुआत में जम्मू-कश्मीर पहुंचने की संभावना है। इस यात्रा का लक्ष्य कांग्रेस पार्टी के संगठन को पुनर्जीवित करना है।

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