‘भारत जोड़ो यात्रा’ का 120वां दिन: शनिवार को यात्रा में कांग्रेस सांसद का हार्ट अटैक से हुआ निधन, रविवार को अंतिम संस्कार के बाद शुरू होगी यात्रा

शनिवार सुबह राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ लुधियाना के लाडोवाल टोल प्लाजा से फगवाड़ा की तरफ जा रही थी। यात्रा में राहुल के साथ 76 साल के कांग्रेस सांसद संतोख सिंह चौधरी भी चल रहे थे। यात्रा के दौरान ही सुबह 8.25 बजे उन्हें हार्ट अटैक आया। वे रुक गए और वहीं बैठ गए। यात्रा में साथ चल रहे लोगों ने उन्हें उठाया। करीब 20 मिनट बाद रास्ते में ही 8.45 बजे उनका निधन हो गया। पार्टी सांसद के निधन के बाद ‘भारत जोड़ो यात्रा’ रविवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया। रविवार सुबह करीब 11 बजे संतोख के अंतिम संस्कार के बाद यात्रा फिर शुरू होगी। यात्रा का मॉर्निंग लैग नहीं होगा।

फगवाड़ा के विर्क अस्पताल के डॉक्टर जसजीत सिंह विर्क ने बताया कि, “संतोख सिंह को यहां लाया गया था। वह कोलेप्स्ड स्टेज में थे। उनके साथ डॉक्टरों की टीम भी थी। रास्ते में भी उन्हें रिवाइव करने की कोशिश की गई। यहां लाने पर भी हमने कोशिश की, लेकिन उन्हें बचा नहीं सके”।

इस दुःखद घटना के बाद राहुल गांधी जालंधर स्थित फुटबॉल चौक में चौधरी संतोख सिंह के घर पहुंचे और परिवार वालों से मुलाकात की। राहुल ने कहा- उनके अचानक निधन से स्तब्ध हूं। वे जमीन से जुड़े परिश्रमी नेता, एक नेक इंसान और कांग्रेस परिवार के मजबूत स्तम्भ थे। सांसद संतोख का रविवार सुबह 11 बजे उनके पैतृक गांव धालीवाल में अंतिम संस्कार किया जाएगा।

पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर राजा वड़िंग ने कहा कि शनिवार सुबह चौधरी संतोख सिंह बिलकुल ठीक थे। स्टेज पर नारे लगा रहे थे। मैं हाथ पकड़कर उन्हें स्टेज से नीचे लाया। वे राहुल जी के साथ चले। तमिलनाडु से सांसद ज्योति यहां आई थीं। वो उनसे बात कर रहे थे। चौधरी संतोख सिंह ने कहा … ज्योति हाऊ आर यू… और ऐसा कहते-कहते वे गिर गए। डॉक्टर का कहना है कि उन्हें सडन हार्ट फेलियर हुआ।

सांसद संतोख चौधरी के निधन पर देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी के साथ-साथ पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और दूसरे नेताओं ने शोक जताया।

कौन थे संतोख सिंह चौधरी?

संतोख सिंह चौधरी पंजाब में दलित राजनीति का एक बड़ा चेहरा थे। संतोख सिंह चौधरी पंजाब के जालंधर एससी सीट से कांग्रेस सांसद थे। वह लांधरा हाउस, नूर महल रोड, फिल्लौर, जालंधर, पंजाब के रहने वाले थे। चौधरी संतोख सिंह ने 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में जीत हासिल की थी। संतोख सिंह चौधरी पंजाब कांग्रेस के दिग्गज नेताओं में से एक थे। साल 2004 से लेकर 2010 तक वे पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष रहे। 2002 में फिल्लौर विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर जीतकर पंजाब विधानसभा के सदस्य के रूप में चुने गए थे। पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री भी रहे। 1992 से 1997 की सरकार में फिल्लौर विधानसभा सीट का प्रतिनिधित्व करते हुए राजिंदर कौर भट्ठल और हरचरण सिंह बराड़ के मंत्रिमंडल में भी बतौर मंत्री सेवाएं दे चुके हैं।

संतोख सिंह चौधरी का जन्म 18 जून 1946 को हुआ था। अभी उनका जालंधर लोकसभा सीट से ही संसदीय कार्यकाल चल रहा था। वह अगस्त 2014 से अनुसूचित जाति तथा अनुसूचित जनजाति के कल्याण संबंधी समिति के सदस्य थे। 2014 से सामाजिक न्याय और अधिकारिता संबंधी स्थायी समिति, शहरी विकास, आवास और शहरी गरीबी उन्मूलन मंत्रालय के सदस्य भी रहे। संतोख ने 1978 में अपना राजनीतिक सफर पंजाब युवा कांग्रेस नेता के तौर पर शुरू किया। 1978 से 1982 तक वह पंजाब युवा कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रहे। 1987 से 1995 तक जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष बने। 1992 में पहली जीत दर्ज करने के बाद पंजाब कांग्रेस विधायक दल के महासचिव के रूप में चुने गए।

संतोख सिंह का राजनीतिक सफर

– 1992-1992 विधानसभा चुनावों में फिल्लौर से खड़े होकर पहली जीत दर्ज की।

– 1997 में पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव चुने गये और वे इस पद पर करीब एक साल तक रहे।

– 2002 में कैप्टन सरकार के समय उन्हें कैबिनेट मंत्री सामाजिक सुरक्षा, महिला और बाल विकास, समाज कल्याण, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान विभाग विभाग सौंपे गए। उन्होंने फिल्लौर विधानसभा सीट से जीत दर्ज की थी।

– 2004 से लेकर 2010 तक वे पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष रहे।

– 2014: जालंधर निर्वाचन क्षेत्र से SAD के पवन कुमार टीनू को हराने के बाद वह16वीं लोकसभा के लिए चुने गए।

– 1 सितंबर 2014: सामाजिक न्याय और अधिकारिता संबंधी स्थायी समिति औार शहरी विकास मंत्रालय, आवास और शहरी गरीबी उन्मूलन परामर्शदात्री समिति के सदस्य बने।

– 14 अगस्त 2014: अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के कल्याण संबंधी समिति के सदस्य बने।

राहुल गांधी ने पंजाब में 10 जनवरी से यात्रा शुरू की थी। पहले दिन फतेहगढ़ साहिब से लुधियाना के खन्ना तक यात्रा निकली। दूसरे दिन यात्रा समराला से शुरू हुई और समराला चौक पर जनसभा के साथ यात्रा खत्म हो गई। इस दिन राहुल गांधी शाम को नहीं चले और वहीं से दिल्ली रवाना हो गए। 13 जनवरी को लोहड़ी की वजह से यात्रा नहीं हुई। राहुल की रविवार को जालंधर में प्रेस कान्फ्रेंस थी। उसे भी स्थगित कर दिया गया है। अब यह कान्फ्रेंस 17 जनवरी को होशियारपुर में होगी। भारत जोड़ो यात्रा सात दिनों तक पंजाब से होकर गुजरेगी और आखिरी दिन माधोपुर से जम्मू कश्मीर के लिए रवाना होने से पहले पठानकोट में एक बड़ी रैली का आयोजन किया जाएगा। उसके बाद एक दिन के लिए 19 जनवरी को हिमाचल प्रदेश से भी यात्रा गुजरेगी।

26 जनवरी से कांग्रेस का ‘हाथ से हाथ जोड़ो’ अभियान भी शुरू होगा

जयराम रमेश ने कहा कि ‘हाथ से हाथ जोड़ो’ अभियान दो महीने तक चलेगा। दो माह का यह अभियान तीन चरण में चलेगा। पहले चरण में हर गांव और मतदान केंद्र स्तर पर पदयात्रा होगी। इसमें घर-घर जनसंपर्क करने के साथ भारत जोड़ो यात्रा के भावनात्मक वीडियो दिखाए जाएंगे। युवा कांग्रेस और भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन प्रत्येक विकासखंड में बाइक रैली निकालेंगे। पार्टी महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में प्रत्येक राज्य की राजधानी में महिला मार्च और महिला घोषणापत्र का विमोचन होगा।

बता दें कि 7 सितंबर को कन्याकुमारी से शुरू हुई यात्रा ने अब तक 11 राज्यों का सफर तय कर लिया है। इनमें तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश शामिल हैं। राहुल ने अब तक करीब 3500 किमी की यात्रा को पूरा कर लिया है। फिलहाल यात्रा पंजाब में है। पार्टी का लक्ष्य 150 दिनों में 12 राज्यों का सफर तय कर पैदल 3570 किलोमीटर की दूरी तय करना है। ‘भारत जोड़ो यात्रा’ का समापन 30 जनवरी को श्रीनगर में होगा। श्रीनगर में यात्रा के समापन के लिए 21 पार्टियों को निमंत्रण भेजा गया है।

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