संसद में अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा: राहुल बोले- ‘आपने मणिपुर में भारत माता की हत्या की’, स्मृति का पलटवार- ‘इनका इतिहास खून से सना’

मणिपुर हिंसा को लेकर केंद्र के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर बुधवार को लगातार दूसरे दिन भी चर्चा हुई। इस दौरान राहुल गांधी ने मणिपुर मुद्दे को लेकर मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा। राहुल गांधी के बयान पर स्मृति ईरानी ने जवाब दिया। राहुल ने कहा कि पीएम मणिपुर नहीं गए क्योंकि आप लिए मणिपुर भारत में नहीं है। राहुल ने कहा, मणिपुर में हिंदुस्तान की हत्या की गई। आपने मणिपुर को दो हिस्सों में बांट दिया, उसे तोड़ दिया। मणिपुर में भारत माता की हत्या की गई। वहीं राहुल के बयान पर केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने पलटवार किया और कश्मीरी पंडितों के साथ अत्याचार और 1984 के सिख दंगों में महिलाओं के साथ हुईं घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि इनका इतिहास खून से सना है।

राहुल गांधी ने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में सबसे पहले कहा, “अध्यक्ष महोदय सबसे पहले मैं आपको मुझे लोकसभा के सांसद के रूप में बहाल करने के लिए धन्यवाद करना चाहता हूं। जब मैंने पिछली बार बात की थी तो शायद मैंने आपको परेशानी दी थी क्योंकि मैंने अडानी पर ध्यान केंद्रित किया था। शायद आपके वरिष्ठ नेता को दुख हुआ। उस दर्द का असर आप पर भी हुआ होगा। इसके लिए मैं आपसे माफी मांगता हूं। लेकिन मैंने सच बोला। आज भाजपा के मेरे दोस्तों को डरने की जरूरत नहीं है क्योंकि आज मेरा भाषण अडानी पर केंद्रित नहीं है। आप रिलेक्स कर सकते हैं। मेरा भाषण आज दूसरी दिशा में जा रहा है। रूमी ने कहा था- जो शब्द दिल से आते हैं, वो शब्द दिल में जाते हैं। तो आज मैं दिमाग से नहीं दिल से बोलना चाहता हूं और मैं आप लोगों पर इतना आक्रमण नहीं करूंगा। एक दो गोले जरूर मारूंगा, लेकिन इतने नहीं मारूंगा।

गांधी ने कहा, बहुत सारे लोगों ने पूछा कि तुम क्यों चल रहे हो? तुम्हारा मकसद क्या है? तुम कन्याकुमारी से कश्मीर तक क्यों जा रहे हो। शुरुआत में मेरे मुंह से जवाब नहीं निकलता था। शायद मुझे ही नहीं मालूम था कि मैं क्यों यात्रा कर रहा हूं। मैं लोगों को जानना चाहता था, उन्हें समझना चाहता था। थोड़ी देर में मुझे बात समझ आने लगी। जिस चीज के लिए मैं मरने को तैयार, जिस चीज के लिए मोदी की जेलों में जाने के लिए तैयार था, जिस चीज को मैंने हर रोज गाली खाई। उस चीज को समझना चाहता था। ये है क्या? जिसने मेरे दिल को इतनी मजबूती से पकड़ रखा था, उसे समझना चाहता था।

राहुल ने कहा, हर रोज मैं 8-10 किलोमीटर चलता था। तो सोचता था कि मैं 20-25 किलोमीटर चल सकता हूं। मुझे अहंकार था। लेकिन भारत अहंकार को सेकेंड में मिटा देता है। दो तीन दिन में ही मेरे घुटनों में इतना दर्द हुआ कि मेरा अहंकार निकल गया। मेरा अहंकार भेड़िया से चीटी बन गया।

राहुल गांधी ने कहा, यात्रा के दौरान एक किसान ने रुई का बंडल दिया। उसने कहा, मेरे पास राहुल जी यही बचा है। बाकी कुछ नहीं बचा। राहुल ने कहा, मैंने किसान ने पूछा कि उसे बीमा का पैसा मिला? उसने कहा, नहीं…भारत के बड़े उद्योगपतियों ने उसे छीन लिया। राहुल ने कहा, मैंने अजीब सी चीज देखी। उसके दिल में जो दर्द था, वो दर्द मैंने महसूस किया। उसका दर्द मेरा दर्द बन गया। लोग कहते हैं कि ये देश है, कोई कहता है कि अलग अलग भाषाएं हैं। कोई कहता है कि धर्म है। ये सोना है, ये चांदी है। मगर सच्चाई है कि देश एक आवाज है। यह देश सिर्फ एक आवाज है। दर्द है, दुख है, कठिनाई है। अगर इस आवाज को सुनना है, तो जो हमारा अहंकार है, हमारे सपने उसे किनारे करना पड़ेगा। तभी वो आवाज सुनाई देगी।

राहुल ने कहा, कुछ दिन पहले मणिपुर गया। लेकिन हमारे पीएम नहीं गए। क्योंकि उनके लिए मणिपुर भारत नहीं है। मणिपुर की सच्चाई है कि मणिपुर नहीं बचा है। आपने मणिपुर को दो भागों में बांट दिया है। तोड़ दिया है। मैं राहत शिविरों में गया हूं। मैंने वहां महिलाओं से बात की। एक महिला से पूछा कि क्या हुआ तुम्हारे साथ। उसने कहा, मेरा छोटा सा बेटा, एक ही बेटा था। मेरे आंखों के सामने उसको गोली मारी गई। मैं पूरी रात उसकी लाश के साथ लेटी रही। फिर मुझे डर लगा, मैंने अपना घर छोड़ दिया। मैंने पूछा कि कुछ तो लाई होगी। उसने कहा कि मेरे पास सिर्फ मेरे कपड़े हैं और एक फोटो निकालती है, कहती है कि यही बस मेरे पास बची है।

राहुल गांधी ने कहा, एक और उदाहरण दूसरे कैंप में एक महिला मेरे पास आई। मैंने उससे पूछा, तुम्हारे साथ क्या हुआ? जैसे ही मैंने उससे ये सवाल पूछा, वैसे ही एक सेकंड में वह कांपने लगी। उसने अपनी दिमाग में वह दृश्य देखा और वह बेहोश हो गई। मेरे सामने बेहोश हो गई। मैंने ये सिर्फ दो उदाहरण दिए हैं। इन्होंने मणिपुर में हिंदुस्तान की हत्या की है। इन्होंने मणिपुर में हिंदुस्तान को मारा है। हिंदुस्तान का मणिपुर में कत्ल किया है, मर्डर किया है।

राहुल के इस बयान पर सत्तापक्ष ने हंगामा कर दिया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, मणिपुर में 7 दशक में जो हुआ, उसके लिए कांग्रेस जिम्मेदार है। राहुल को इसके लिए माफी मांगनी चाहिए।

राहुल ने कहा, जैसे मैंने भाषण की शुरुआत में बोला भारत एक आवाज है, भारत हमारी जनता की आवाज है, दिल की आवाज है। उस आवाज की हत्या आपने मणिपुर में की। इसका मतलब आपने भारत माता की हत्या मणिपुर में की। आपने मणिपुर के लोगों को मारकर भारत माता की हत्या की। आप देशद्रोही हो। आप द्रेशप्रेमी नहीं हो। इसलिए आपके पीएम मणिपुर में नहीं जा सकते हैं। क्योंकि उन्होंने हिंदुस्तान की हत्या की है। भारत माता की हत्या की है। आप भारत माता के रखवाले नहीं हो, आप भारत माता के हत्यारे हो।

इस दौरान स्पीकर ओम बिरला ने राहुल को टोका और कहा कि उन्हें आदर से बात करनी चाहिए। इस पर राहुल गांधी ने कहा कि मैं अपनी मां की हत्या की बात कर रहा हूं। मैं आदर से बोल रहा हूं। हिंदुस्तान की सेना मणिपुर में एक दिन में शांति ला सकती है, लेकिन आप उसका इस्तेमाल नहीं कर रहे हो। क्योंकि आप मणिपुर में भारत माता को मारना चाहते हैं। पीएम मोदी अपने दिल की बात नहीं सुनते तो किसकी बात सुनते हैं, सिर्फ दो लोगों की बात सुनते हैं।

राहुल ने कहा, रावण दो लोगों की सुनता था, मेघनाथ और कुंभकर्ण, उसी तरह मोदी सिर्फ दो लोगों की सुनते हैं अमित शाह और अडानी। लंका को हनुमान ने नहीं जलाया था, अहंकार ने लंका को जलाया था। राम ने रावण को नहीं मारा था, अहंकार ने उसे मारा था। आप पूरे देश में केरोसिन फेंक रहे हो। आप हरियाणा को जला रहे हो। आप पूरे देश को जलाने में लगे हो।

राहुल गांधी के बयान का जवाब स्मृति ईरानी ने दिया। स्मृति ईरानी ने कहा, सबसे पहले आपकी पीठ पर आपके आसन पर जिस प्रकार का आक्रामक व्यवहार देखा, उसका मैं खंडन करती हूं। पहली बार राष्ट्र के इतिहास में भारत माता की हत्या की बात कही गई। कांग्रेस पार्टी यहां पर तालियां बजाती रही। जो भारत की हत्या पर ताली पीटी, इस बात का संकेत पूरे देश को दिया कि मन में गद्दारी किसके है? मणिपुर खंडित नहीं है, विभाजित नहीं है। देश का हिस्सा है। आपके सहयोगी दल के नेता ने तमिलनाडु में कहा, भारत का मतलब मात्र उत्तर भारत है। राहुल गांधी में हिम्मत है, तो डीएमके के अपने साथी का खंडन करके बताएं। कांग्रेस के एक नेता ने कश्मीर में उसका आप खंडन क्यों नहीं करते, जो कश्मीर को भारत से अलग करने की बात करता है।

स्मृति ईरानी ने कहा, इनका इतिहास खून से सना है। जिन लोगों की हत्या हुई, वे इन लोगों को न्याय के कटघरे में नहीं ला सके। इसलिए मैं उनका जिक्र सदन में कर रही हूं। ये लोग चाहते हैं कि मणिपुर में चर्चा हो। हमारे नेताओं ने कहा कि हम चर्चा के लिए तैयार हैं। भागे ये, हम नहीं। भागने के पीछे कारण क्या, गृह मंत्री जब बोलने लगेंगे, ये लोग मौन साध लेंगे।

स्मृति ईरानी ने इस दौरान कश्मीर में पंडितों के साथ हुए अत्याचार का भी जिक्र किया। इस दौरान ईरानी ने गिरिजा टिक्कू, सरला भट्ट के साथ हुई घटनाओं का भी जिक्र किया। स्मृति ने कहा, आप नहीं चाहते कि हम कश्मीरी पंडितों की बात करें। इन्होंने कहा, आंसू बहाए, भ्रमण किया। 84 के दंगों के दौरान पत्रकार प्रणय गुप्ता ने लिखा, बच्चों की हत्या कर, उनके अंगों को मां के मुंह में ठूसा गया।

ईरानी ने कहा, मैं जोड़ों के दर्द पर कुछ नहीं कहूंगी। लेकिन जिस यात्रा की बात कर रहे हैं। उस दौरान वे कश्मीर में अपने परिजन के साथ बर्फ से खेलते नजर आए, लेकिन उन्हें ये नहीं पता कि पीएम मोदी द्वारा धारा 370 हटाने के बाद यह संभव हो पाया।

उन्होंने कहा, अभी हाल में राजस्थान के भीलवाड़ा में 14 साल की बेटी के साथ गैंगरेप किया गया। उसके बाद उसे काटा गया। फिर भट्टी में डाला गया। दो महिला सांसद वहां गई थीं। वहां बच्ची का एक हाथ भट्टी के बाहर छूट गया। न्याय की गुहार तब नहीं लगाई, जब बंगाल में 60 साल की महिला के साथ उसके नाती के सामने उसका रेप किया गया। इस पर आप एक शब्द नहीं बोले।

ईरानी ने कहा, असम में दंगे हुए थे, हिंसा हुई थी। केंद्र और राज्य में कांग्रेस की सरकार थी। तब असम में कांग्रेस के नेता तरुण गोगोई ने बयान दिया था कि कांग्रेस की केंद्र सरकार कदम नहीं उठा रही। सेना नहीं भेज रही।

स्मृति ईरानी ने कहा, ये लोग मौन थे, कई चीजों पर आज भी मौन हैं। अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट कहती है, इनके करप्शन की वजह से जीडीपी पर 9% असर होगा, लेकिन ये चुप थे। आज भी चुप हैं। यूपीए की सरकार को 2005 में ये ज्ञात हो गया था कि खुले में शौच होने की वजह से महिलाओं का रेप हो रहा है फिर भी ये चुप थे।

इस बीच कांग्रेस नेता राहुल गांधी फिर विवादों में आ गए हैं। बुधवार को उन्होंने अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान संसद में बीजेपी सांसदों को फ्लाइंग किस दिया। राहुल के रिएक्शन पर कई महिला सांसदों की तरफ से लोकसभा अध्यक्ष को शिकायत की गई है। वहीं, केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी इसे अभद्रता बताया है।

ईरानी ने कहा, “मैं किसी बात पर आपत्ति जताती हूं। जिसे मुझसे पहले बोलने का मौका दिया गया, उसने जाने से पहले अभद्रता की। यह केवल एक स्त्रीद्वेषी आदमी ही है जो उस संसद को फ्लाइंग किस दे सकता है, जिसमें महिला सांसदों को बैठाया जाता है। यह बहुत ही अशोभनीय है। देश की संसद में ऐसा आचरण पहले कभी नहीं देखा गया…”

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री शोभा करंदलाजे ने राहुल गांधी के “अनुचित” व्यवहार के खिलाफ लोकसभा स्पीकर के पास शिकायत दर्ज कराई है। महिला सांसदों ने एक पत्र पर हस्ताक्षर कर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।

केंद्रीय मंत्री और बीजेपी सांसद शोभा करंदलाजे ने कहा, ”सभी महिला सदस्यों को फ्लाइंग किस देकर राहुल गांधी चले गए। यह सरासर एक सदस्य का दुर्व्यवहार है। यह एक सदस्य का अनुचित और अशोभनीय व्यवहार है। वरिष्ठ सदस्य बता रहे हैं कि यह भारत की संसद के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ…यह कैसा व्यवहार है? वह किस तरह के नेता हैं? इसलिए, हमने इसकी सीसीटीवी फुटेज लेने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने के लिए स्पीकर से शिकायत की है।”

बीजेपी सांसद रविशंकर प्रसाद ने कहा, “वह फ्लाइंग किस देते हैं। राहुल गांधी को क्या हो गया है? वहां (सदन में) इतनी सारी महिलाएं बैठी हैं। उनमें कोई शिष्टाचार नहीं है। यह बहुत दर्दनाक है…”

मालूम हो कि मोदी सरकार के खिलाफ आने वाला यह दूसरा अविश्वास प्रस्ताव है। 26 जुलाई को कांग्रेस नेता गौरव गोगोई ने मोदी सरकार के खिलाफ लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पेश किया था। हालांकि, मोदी सरकार को इस प्रस्ताव से कोई खतरा नहीं है। क्योंकि लोकसभा में संख्याबल की ताकत के रूप में NDA आसानी से जीत दर्ज करा सकता है। लोकसभा में बहुमत के लिए 272 सांसदों की जरूरत है। जबकि बीजेपी के सदन में 301 सदस्य हैं। वहीं, सहयोगियों के साथ मिलकर यह नंबर और बढ़ जाता है। कांग्रेस के इस प्रस्ताव का समर्थन करने वाले I.N.D.I.A. गठबंधन के नंबर जरूर कम हैं, लेकिन उनका एकमात्र मकसद मणिपुर हिंसा पर प्रधान मंत्री मोदी को सदन में बोलने के लिए मजबूर करना है।

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